यूएई में भ्रामक वीडियो फैलाने के आरोप में दो भारतीय व एक नेपाली सहित 10 गिरफ्तार

काठमांडू- 14 मार्च। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मिसाइल हमले और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े वीडियो रिकॉर्ड करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से बनाए गए भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में दो भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

नेपाल के विदेश विभाग के मुताबिक यूएई के महाधिवक्ता डॉ. हमाद सेफ अल शम्सी के आदेश पर इन सभी को गिरफ्तार कर तत्काल कानूनी कार्रवाई के लिए अर्जेंट ट्रायल में भेजा गया है। गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में दो भारतीय, एक नेपाली नागरिक के अलावा मिस्र, फिलीपींस, वियतनाम, पाकिस्तान, ईरान, बांग्लादेश और मध्य अफ्रीकी देश कैमरून के एक-एक नागरिक शामिल हैं।

यूएई के विदेश विभाग के बयान के मुताबिक जांच के दौरान यह पाया गया कि गिरफ्तार व्यक्तियों ने यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हमले को हवा में ही निष्क्रिय किए जाने के वास्तविक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। इसके अलावा उन्होंने एआई का उपयोग कर यूएई के प्रमुख स्थानों पर मिसाइल गिरने, भीषण आग लगने और धुआं उठने जैसे नकली वीडियो भी तैयार कर उन्हें वायरल किया था।

कुछ वीडियो में बच्चों की भावनाओं का इस्तेमाल कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि देश में बड़ा सुरक्षा खतरा मौजूद है, जबकि कुछ मामलों में विदेशों में हुई घटनाओं को यूएई के भीतर की घटना बताकर अफवाह फैलाई गई। नेपाल के विदेश विभाग के मुताबिक इस प्रकार की गतिविधियों से राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और स्थिरता पर असर पड़ सकता है तथा यूएई की रक्षा क्षमता से जुड़ी गोपनीय जानकारी बाहर जाने का खतरा भी बढ़ जाता है।

महाधिवक्ता डॉ. शम्सी के अनुसार यदि जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने और समाज में भय पैदा करने जैसे अपराध साबित होते हैं, तो दोषियों को कम से कम एक वर्ष की जेल और न्यूनतम एक लाख दिरहम (लगभग 41 लाख नेपाली रुपये) का जुर्माना हो सकता है। फिलहाल सभी आरोपितों को हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है।

Star News Bihar
Author: Star News Bihar

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